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सरकारी टीचर्स की बंपर भर्ती , तैयार रहें

हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा है कि राजकीय विद्यालयों में जल्द ही बड़े पैमाने पर प्रत्येक विषय के शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। इसमें योग्य और पात्र युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर होने वाली भर्ती से जहां राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर होगी, वहीं बेहतर शिक्षा का माहौल विद्यार्थियों को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि राजकीय विद्यालयों को नया स्वरूप प्रदान करने के लिए शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति की जाएगी। साथ ही स्कूल में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर देने पर भी सरकार की नजर होगी।

रविवार को झज्जर में मौजूद शिक्षा मंत्री ने कहा कि राजकीय विद्यालयों में नैतिकता व भारतीयता के आधार पर अच्छी शिक्षा देते हुए बेहतर नागरिक का निर्माण किया जाएगा। राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थी संस्कार सक्षम होंगे और वे किसी भी क्षेत्र में अन्य निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों से पीछे नहीं होंगे।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि शिक्षा व स्वास्थ्य की दिशा में सार्थक कदम बढ़ाए जाएं। खेल नीति के बाद अब उद्योग नीति बनाते हुए सर्वांगीण विकास की दिशा में सरकार ने सराहनीय कार्य करने की पहल की है।

शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने प्रदेश की पूर्व सरकार की ओर से की गई कुछ शिक्षकों की भर्ती पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा निरस्त किए जाने के संबंध में कहा है कि योग्य और पात्र शिक्षकों को ही नियुक्ति दी जानी चाहिए थी। कहा कि उनकी सरकार अब पूरी वेरिफिकेशन और प्रमाण पत्रों की जांच के बाद ही शिक्षकों को नियुक्त करेगी।

120 दिन में प्रदेश में कई बदलाव आए
उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के 120 दिन के कार्यकाल में हर क्षेत्र में परिवर्तन देखने को मिल रहा है और अब प्रदेश की जनता भ्रष्टाचार सरीखे अवगुणों को दूर महसूस करने लगी है। उन्होंने कहा कि आगामी नौ मार्च को पेश होने वाला बजट प्रदेश के हर वर्ग की खुशहाली का बजट होगा, जिसमें गरीब, किसान, कर्मचारी, व्यापारी सहित हर वर्ग के लोगों की सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा।


शिक्षा मत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने कहा कि प्रदेश के लोगों के लिए बेहतर शिक्षा नीति बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा पद्धति में बदलाव को लेकर कोई भी व्यक्ति सुझाव दे सकता है। अच्छे सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आज शिक्षा पद्धति में आमूलचूल परिवर्तन की आवश्यकता है। देश में दी जाने वाली शिक्षा में काफी अंतर है। निजी शिक्षण संस्थानों में जहां प्राथमिक कक्षा में ही अंग्रेजी का ज्ञान देना शुरू कर दिया जाता है। वहीं ऐसी शिक्षा पद्धति भी है जहां प्राथमिक स्तर की कक्षाओं के बाद अंग्रेजी पढ़ाना शुरू किया जाता है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा पद्धति में कुछ विसंगतियां हैं, जिन्हें दूर करने की दरकार है। आज हमारी धारणा बन गई है कि निजी संस्थानों में मिलने वाली महंगी शिक्षा ही हमारे बच्चों के लिए सही है।


उन्होंने कहा कि गीता को विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम में शामिल करने के मामले में भी कहा जा रहा है कि यह शिक्षा का भगवाकरण करने का प्रयास है। भगवा तो श्रद्धा का प्रतीक है।

सांसारिक सुखों को त्यागकर पूरा जीवन लोगों की भलाई में बीताने वाले संत भी भगवा वस्त्र ही धारण करते हैं। उन्होंने कहा कि संस्कृत के पठन-पाठन पर जोर देना होगा, क्योंकि यह सभी भाषाओं की जननी है।

शीघ्र ही हरियाणा में नई शिक्षा नीति लागू करने के लिए हम सभी शिक्षाविदों की सहायता से प्रयासरत हैं, क्योंकि प्रदेश, देश को तरक्की के मार्ग पर केवल शिक्षा के माध्यम से ही आगे बढ़ाया जा सकता है।